भारत द्वारा इंटरनेट पर मनमानी पाबंदियों से भोजन और आजीविका के लिए सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर निर्भर गरीब समुदायों को भारी नुकसान होता है. “डिजिटल इंडिया” के युग में, जहां सरकार जीवन के हर पहलू के लिए इंटरनेट को बुनियादी ज़रूरत बनाने पर जोर दे रही है, वहीं सरकारी तंत्र ने इंटरनेट शटडाउन को पुलिस कार्यप्रणाली का स्थायी हिस्सा बना लिया है. सरकारी तंत्र को चाहिए कि देश की प्रतिष्ठा और लोगों, दोनों को गंभीर रूप से आघात पहुंचाने वाले इंटरनेट शटडाउन के दमनकारी तौर-तरीकों का इस्तेमाल करना बंद करे.
भारत: कमजोर व असुरक्षित समुदायों को आहत करता इंटरनेट शटडाउन
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